
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट एंड एक्सपो 2026 में बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को राज्य पवेलियन का उद्घाटन किया। इस भव्य समारोह में पंचायती राज व मत्स्य पालन मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। बिहार की आईटी मंत्री श्रेयसी सिंह, उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल तथा राज्यसभा सांसद संजय झा भी मौजूद रहे।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, अपर मुख्य सचिव बी. राजेंद्र, उद्योग सचिव कुंदन कुमार, आईटी सचिव अभय कुमार सिंह, कृषि निदेशक सौरभ यादव तथा आईआईटी पटना के प्रोफेसर प्रीतम कुमार व टी.एन. सिंह ने भी शिरकत की।
पूर्वी भारत का प्रौद्योगिकी केंद्र बनाने के लिए बिहार सरकार ने बिहार एआई मिशन, मेगा एआई इंजीनियरिंग कोर, उद्योग-शिक्षा साझेदारियां, निवेशक पत्र, जीसीसी नीति 2026, सेमीकंडक्टर नीति 2026 तथा आईआईटी रिसर्च पार्क जैसी महत्वाकांक्षी योजनाएं पेश कीं।
भारत की तरह बिहार भी एआई क्षेत्र में अग्रणी बन रहा है। नई नीतियों से वैश्विक कंपनियों का रुझान बढ़ा है।
हॉल 5-एफ के स्टॉल 8 व 12 पर बिहार पवेलियन ने 60 करोड़ का एमओयू एआई उत्कृष्टता केंद्र के लिए (टाइगर एनालिटिक्स व आईआईटी पटना के साथ) तथा 250 करोड़ का रिसर्च पार्क के लिए किया। जीसीसी व आईटी नीति के तहत रेड साइबर (103 करोड़), ग्रोक्यूआर (30 करोड़), सीआईपीएल (25 करोड़) आदि से समझौते हुए। इससे 10,000 नौकरियां व 50,000 युवाओं का कौशल विकास होगा।
पांच दिवसीय समिट में 100+ सीईओ, 135+ देशों के प्रतिनिधि, 20+ राष्ट्राध्यक्ष व 50+ मंत्री शामिल हैं। बिहार की नीतियां इसे पूर्वी भारत का टेक हब बनाएंगी।