
बिहार अग्निशमन विभाग के आईजी एम. सुनील नायक को आंध्र प्रदेश पुलिस ने पटना से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई 2021 के कस्टोडियल टॉर्चर केस से जुड़ी है, जिसमें नरसापुरम के पूर्व सांसद के. रघुराम कृष्णा राजू पर अत्याचार के आरोप हैं। प्रकाशम जिला पुलिस उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर आंध्र ले जाने की तैयारी कर रही है।
सुनील नायक के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 के तहत मुकदमा दर्ज है। 2005 बैच के बिहार कैडर आईपीएस अधिकारी, गुंटूर निवासी नायक ने 2019 में व्यक्तिगत आधार पर आंध्र सीआईडी में डीआईजी के रूप में डेपुटेशन लिया था। वहां उनकी टीम ने राजू को एक आपराधिक केस में गिरफ्तार किया, जिसके बाद राजू ने मारपीट का आरोप लगाते एफआईआर दर्ज कराई।
कोर्ट के आदेश पर धारा 307 लागू हुई। तीन साल की डेपुटेशन के बाद 2023 में बिहार लौटे नायक फायर सर्विसेज में आईजी के पद पर थे, जहां अग्निशमन ढांचे का विस्तार, उपकरण उन्नयन और प्रशिक्षण की निगरानी कर रहे थे। बेल रद्द होने से एपी पुलिस पटना पहुंची।
पटना कोर्ट में पेशी के बाद ट्रांजिट रिमांड मिलेगा, फिर आंध्र ले जाया जाएगा। वर्तमान में डिप्टी स्पीकर राजू केस को राजनीतिक रंग दे रहे हैं। यह घटना आईपीएस डेपुटेशन और हिरासत में मानवाधिकारों पर सवाल खड़े करती है। बिहार फायर विभाग में नेतृत्व परिवर्तन की चुनौतियां बढ़ेंगी।