
बिहार में नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले ने राजनीतिक घमासान मचा दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एक मंत्री के बेटे को बचाने के लिए लीपापोती हो रही है। इस पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कड़ा रुख अपनाते हुए 24 घंटे के अंदर सबूत पेश करने का अल्टीमेटम दिया है।
बुधट सत्र के दौरान विधान परिषद के बाहर विपक्षी नेताओं के प्रदर्शन में राबड़ी देवी ने तीखे प्रहार किए। उन्होंने दावा किया कि बिहार का कोई जिला अपराध मुक्त नहीं बचा। गृह मंत्री की खामोशी पर सवाल उठाते हुए कहा कि तथ्यों को छिपाकर केस सीबीआई को सौंप दिया गया।
नीतीश कुमार सरकार पर दोषियों को बचाने का इल्जाम लगाते हुए राबड़ी ने कहा कि अपराधी सत्ता के करीब हैं। सीबीआई को केंद्र के अधीन बताते हुए उन्होंने जांच की निष्पक्षता पर सندेह जताया। जहानाबाद की छात्रा 6 जनवरी को पटना हॉस्टल में अचेत मिली थी और 11 जनवरी को निजी अस्पताल में निधन हो गया।
सम्राट चौधरी ने पलटवार किया, ‘सबूत दो वरना 24 घंटे में एक्शन। मंत्री हो या उनका बेटा, बेटियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता।’ उन्होंने राबड़ी पर सबूत छिपाने का आरोप लगाया। उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की।
जेडीयू के नीरज कुमार ने राबड़ी को मीडिया बाइट्स के लिए बयानबाजी करने वाला बताया। एसआईटी जांच कर रही है और सीबीआई को सौंपने की सिफारिश हो चुकी। यह विवाद बिहार की सियासत को और गरमा रहा है।