
बिहार सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत चयनित महिला उद्यमियों को 2-2 लाख रुपये की एकमुश्त सहायता देने का फैसला कैबिनेट ने कर लिया है। इससे पहले योजना में 1.56 करोड़ से अधिक महिलाओं को 10-10 हजार रुपये मिल चुके हैं, जो उन्होंने स्वरोजगार के लिए इस्तेमाल किए।
चुनावी साल में शुरू हुई इस योजना ने एनडीए की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अब 2 लाख रुपये की राशि चरणबद्ध तरीके से दी जाएगी, बशर्ते पिछली सहायता का सदुपयोग हो और व्यवसाय सफलतापूर्वक चल रहा हो। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सहायता भी संभव है।
विपक्ष इन शर्तों को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल ठोक रहा है। वहीं, जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद पर तंज कसते हुए कहा कि उनकी संपत्ति का मात्र 25 प्रतिशत दान करने पर सभी महिलाओं को यह राशि दी जा सकती है।
ग्रामीण विकास विभाग के तहत जीविका के माध्यम से चलाई जा रही यह योजना हर परिवार की एक महिला को पसंदीदा रोजगार शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करती है। राज्य सरकार का लक्ष्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। योजना का असर ग्रामीण इलाकों में दिखने लगा है, और आगे चलकर यह बिहार की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगी।