
बिहार के पूर्णिया जिले में सनसनीखेज हत्या ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। अमीर बिजनेस फैमिली के बेटे और सोशल मीडिया स्टार सूरज बिहारी की निर्मम हत्या के 36 घंटे बाद भी पुलिस एक भी आरोपी को पकड़ नहीं पाई। मरंगा थाने में सात लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज हुआ, लेकिन अपराधी आजाद घूम रहे हैं।
सूरज बिहारी के पिता जवाहर यादव शहर के प्रमुख व्यापारी हैं। सूरज उनके कारोबार में हाथ बंटाता था और महीने में 25-30 लाख की कमाई करता था। उसके पास डिफेंडर, पेजेरो, जिप्सी, बुलेट समेत आठ लग्जरी गाड़ियां थीं। सोशल मीडिया पर रोज रील्स डालना उसका शौक था, जो उसके आलीशान लाइफस्टाइल को दर्शाता था। दोस्तों के साथ घूमना-फिरना और पार्टी करना उसकी आदत थी।
पिता ने पांच साल पहले प्रेम सिंह को उसके बॉडीगार्ड की तरह रखा था। सूरज खुद लाइसेंसी पिस्टल रखता था, लेकिन नेवालाल चौक पर विवाद सुलझाने गए दिन न तो पिस्टल चली और न गार्ड ने जान बचाई।
विवाद की शुरुआत हुई सरस्वती पूजा के दिन। स्थानीय क्रिएटर सुबोध शर्मा ने स्कूल में लड़कियों के साथ वीडियो बनाया, जो सोशल मीडिया पर डाल दिया। इससे एक लड़की का बॉयफ्रेंड स्नेहिल झा भड़क गया और सुबोध को अगवा कर पीटा। अगले दिन सुबोध ने दोस्तों संग स्नेहिल के घर हंगामा किया, तो विपक्ष ने 15-20 लड़कों से सुबोध के घर हमला बोला। तीन दिनों से चल रहा यह झगड़ा घटनावाले दिन फिर भड़का।
सूरज का छोटा भाई सुबोध के पक्ष में था। विवाद बढ़ने पर सूरज को फोन आया। वह गार्ड संग पहुंचा, लेकिन स्नेहिल ने ब्रजेश सिंह को कॉल कर दी। पांच बाइकों पर आठ अपराधी सूरज को घेर लिया। हाथापाई में सूरज पिस्टल निकालने ही वाला था कि दो गोलियां लग गईं। गार्ड गाड़ी की ओर भागा तो उस पर भी फायरिंग हुई। पूरा वाकया सीसीटीवी में कैद है।
होप हॉस्पिटल ले जाते समय सूरज की मौत हो गई। भाई उदय बिहारी के बयान पर ब्रजेश सिंह, नंदू सिंह, स्नेहिल झा समेत सात पर मुकदमा। ब्रजेश 2018 में रिमांड होम से हाउस फादर की हत्या कर फरार हुआ था, उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट व शराब के केस हैं।
यह घटना बिहार में बढ़ते अपराध को उजागर करती है, जहां पैसे-पावर की सारी ढाल टूट गई। पुलिस को तत्काल कार्रवाई करनी होगी।