
बिहार के बेगूसराय में न्याय की एक बड़ी जीत हुई है। जिला सत्र न्यायालय ने 2019 के तिहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी विकास कुमार उर्फ विकास सिंह को फांसी की सजा सुनाई है। यह फैसला वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बेउर जेल में बंद दोषी को सुनाया गया, जो जिले के न्यायिक इतिहास में पहली बार हुआ।
सिंघौल थाना क्षेत्र के मचहा गांव में दिवाली की रात 27 अक्टूबर 2019 को यह सनसनीखेज वारदात हुई थी। आरोपी ने अपने भाई कुणाल सिंह, भाभी कंचन देवी और 17 साल की भतीजी सोनम कुमारी की क्रूरता से गोली मारकर हत्या कर दी। भागते वक्त भतीजे शिवम कुमार पर भी गोली चलाई, लेकिन वह बाल-बाल बच गया।
यह खूनी सिलसिला 2012 से शुरू हुआ, जब चार बीघा जमीन के विवाद में विकास ने चाचा अरुण सिंह की हत्या की थी। इसके लिए उसे उम्रकैद मिल चुकी है। 2017 में चाची मुन्नी देवी की हत्या का केस लंबित है। दोनों मामलों में कुणाल प्रमुख गवाह थे, जिन्हें चुप कराने की कोशिश में यह कत्लेआम हुआ।
अभियोजन पक्ष ने एपीपी राम प्रकाश यादव के नेतृत्व में मजबूत पैरवी की। शिवम, डॉक्टर, जांच अधिकारी समेत कई गवाहों के बयानों ने अदालत को दोष सिद्ध करने में मदद की। पीड़ित परिवार में खुशी की लहर है। यह सजा अपराधियों को कड़ा संदेश देती है कि कानून का हाथ लंबा होता है। बेगूसराय में कानून-व्यवस्था मजबूत करने का यह एक मील का पत्थर है।