
पटना सिविल कोर्ट ने आंध्र प्रदेश पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है। मामला बिहार के होमगार्ड और अग्निशमन विभाग के आईजी सुनील एम. नायक की गिरफ्तारी से जुड़ा है। आंध्र पुलिस ने बिना उचित वारंट के उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, लेकिन वहां उनकी पोल खुल गई।
सोमवार शाम करीब 6 बजे शास्त्री नगर स्थित आवास से नायक को गिरफ्तार किया गया। इसके 20 मिनट बाद स्थानीय थाने को सूचना दी गई, जो नियमों के विरुद्ध है। कोर्ट में जब जज ने वारंट पत्र और केस डायरी मांगी, तो आंध्र पुलिस के पास कुछ नहीं था। नतीजा रिमांड याचिका खारिज और फटकार।
सिटी एसपी वेस्ट भानु प्रताप ने पुष्टि की कि प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ। यह मामला 2021 का है, जिसमें आईपीसी की धारा 307 के तहत नरसापुरम के पूर्व सांसद के. रघुराम कृष्णा राजू से जुड़ाव है। कोर्ट ने साफ कहा कि अंतरराज्यीय गिरफ्तारी में स्थानीय पुलिस को पहले सूचित करना अनिवार्य है।
इस घटना ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। सुनील नायक अब बिहार में ही हैं और आंध्र को दोबारा दस्तावेज ठीक करने होंगे। यह मामला राज्यों के बीच समन्वय की कमी को उजागर करता है। न्यायपालिका ने एक बार फिर कानूनी प्रक्रिया की मिसाल कायम की है।