
देश भर में सड़कें तेजी से विकसित हो रही हैं और बिहार भी इस बदलाव का हिस्सा बन रहा है। अमास-दरभंगा एक्सप्रेसवे एक 189 किलोमीटर लंबी महत्वाकांक्षी परियोजना है, जो भारतमाला योजना के तहत स्वीकृत हुई है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा निर्मित यह छह लेन वाली आधुनिक सड़क 2026 के अंत तक तैयार हो सकती है।
यह एक्सप्रेसवे गया जिले के अमास गांव से प्रारंभ होकर दरभंगा के बेला नवादा तक जाएगी। मार्ग में औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल, पटना, वैशाली, समस्तीपुर और दरभंगा जिले शामिल होंगे। पटना आउटर रिंग रोड और गंगा पर बन रहे कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल को इसमें जोड़ा गया है, जिससे शहरों के ट्रैफिक से बचा जा सकेगा।
उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच वर्तमान में 5 घंटे लगने वाला सफर अब महज 2.5 घंटे में पूरा होगा। इससे व्यापार, रोजगार और आर्थिक विकास को गति मिलेगी। भविष्य में उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से मांझी तक के एक्सप्रेसवे और नेपाल सीमा के जयनगर से कनेक्शन की योजना है।
दरभंगा, पटना और गया एयरपोर्ट्स तक पहुंच आसान होगी। रियल एस्टेट में उछाल आएगा, जमीनों के दाम बढ़ेंगे और नए प्रोजेक्ट उभरेंगे। 15 से अधिक गांव सीधे जुड़ेंगे, जिससे ग्रामीण विकास को बल मिलेगा।
यह परियोजना बिहार को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी, जहां समय की बचत और बेहतर कनेक्टिविटी विकास का आधार बनेगी। जमीन अधिग्रहण शुरू हो चुका है और डीपीआर तैयार है।