
बिहार के मोतिहारी जिले के केसरिया थाना क्षेत्र के लोहरगावा गांव में होली की पूर्व संध्या पर एक ऐसी घटना घटी जिसने पूरे इलाके को सन्नाटे में डुबो दिया। बकरी चराने के बाद तालाब में नहाने गए छह बच्चों की गहराई का अंदाजा न लग पाने से डूबने से मौत हो गई।
चंद्र ग्रहण के बाद ये बच्चे तालाब की ओर बढ़े। एक का पैर फिसला तो बाकी उसे बचाने कूद पड़े, लेकिन सभी गहरे पानी में बह गए। मृतकों में एक ही परिवार की तीन बहनें प्रिया (6), सोनाक्षी (9) और सोनाली (12) वर्षीय शामिल हैं। अन्य पीड़ित प्रिंस (11), छोटी (8) और दीक्षा (12) वर्षीय थे।
ग्रामीण गोताखोरों की सहायता से पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजे। जिलाधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और परिजनों को मुआवजे का ऐलान किया। गांव में कोहराम मच गया है।
यह हादसा जल स्रोतों के आसपास सुरक्षा की कमी को उजागर करता है। विशेषज्ञ तालाबों के किनारे रेलिंग और जागरूकता अभियान की मांग कर रहे हैं। होली के रंगों के बीच यह काला अध्याय सबक सिखाता है।