
बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने विधानसभा में एक महत्वपूर्ण खुलासा किया है। पिछले पांच वर्षों में राज्य के सभी विधानसभा सदस्यों ने अपने क्षेत्रीय विकास कोष से कुल 3633 करोड़ रुपये का व्यय विकासात्मक कार्यों पर किया है। यह आंकड़ा बिहार की राजनीति में स्थानीय स्तर पर विकास की गति को दर्शाता है।
मंत्री ने बताया कि ये धनराशि सड़क निर्माण, स्कूलों के सुंदरीकरण, स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना और ग्रामीण विद्युतीकरण जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं में लगाई गई। ‘प्रत्येक विधायक का क्षेत्रीय विकास कोष गांवों को प्रगति के पथ पर ले जाने में महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ है,’ उन्होंने जोर देकर कहा।
वित्त विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वार्षिक वितरण में निरंतर वृद्धि हुई है। विपक्षी दलों द्वारा कार्यान्वयन में देरी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जा रहे हैं, लेकिन यादव ने डिजिटल निगरानी और तृतीय-पक्ष ऑडिट की योजना बताई।
2020 के विधानसभा चुनाव के बाद बिहार में स्थानीय विकास पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार ने विस्तृत सफेद पत्र जारी करने का वादा किया है। ये निवेश राज्य की आर्थिक पुनरुद्धार की कहानी का अहम हिस्सा हैं, जो लाखों लोगों को लाभ पहुंचाएंगे।