
बिहार सरकार ने एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों की तर्ज पर स्कूली बच्चों के लिए पोशाक वितरण की नई योजना शुरू करने का ऐलान किया है। अब जीविका दीदियां ही बच्चों के लिए यूनिफॉर्म तैयार करेंगी और पहुंचाएंगी।
यह पहल ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने और शिक्षा को मजबूत करने का दोहरा उद्देश्य लिए हुए है। शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर प्रसाद सिंह ने पटना में पत्रकारों को बताया कि 38 जिलों में जीविका समूहों को सिलाई प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकारी स्तर पर कच्चा माल उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे गुणवत्ता और कीमत दोनों नियंत्रित रहेंगी।
पायलट प्रोजेक्ट में वैशाली और मुजफ्फरपुर जैसे जिलों में सफलता मिली है। 10 हजार से अधिक यूनिफॉर्म वितरित हो चुकी हैं। निजी विक्रेताओं से होने वाली देरी और खराब गुणवत्ता की समस्या अब खत्म हो जाएगी। मां-बापों का कहना है कि ये यूनिफॉर्म बेहतर फिटिंग वाले हैं।
योजना चरणबद्ध तरीके से लागू होगी। प्राथमिक स्कूलों से शुरुआत कर 1.5 करोड़ बच्चों तक पहुंच बनाई जाएगी। जीविका दीदियों की आय बढ़ेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप है।