बिहार के पूर्णिया जिले में एक सनसनीखेज वारदात ने इलाके को हिलाकर रख दिया। 18 वर्षीय युवती का सड़ा-गला शव मक्के के खेत में बोरे में ठूंसकर मिला, जो 12 मार्च की रात से लापता थी। पुलिस की सुस्ती से तंग ग्रामीणों ने पूर्णिया-बंगाल हाईवे जाम कर आगजनी की, जिससे सैकड़ों ट्रक रुक गए।

परिजनों के मुताबिक, खुशी शौच के लिए घर से निकली और गायब हो गई। डगरुआ थाने में शिकायत पर थानेदार ने प्रेम प्रसंग बताकर टाल दिया। चाची पुष्पा देवी ने बताया कि दो दिन बाद मोबाइल चैट से सचिन कुमार का पता चला, लेकिन पुलिस ने पूछताछ तक नहीं की।
खुशी कोचिंग जाते वक्त चंदन होटल के पास सचिन व दोस्तों से मिली। 18 मार्च को हत्या की अफवाह पर थाने का घेराव हुआ। थानेदार राजेश कुमार ने 48 घंटे मांगे। शुक्रवार को विश्वासपुर के नमस्कार होटल पीछे शव बरामद।
संदेह है कि अपहरण के बाद गैंगरेप, हत्या कर शव पर तेजाब डाला गया। चार आरोपी नेपाल भागे, एक हिरासत में। एसपी स्वीति सहरावत ने कहा, तकनीकी जांच में 20 वर्षीय आरोपी पकड़ा। उसने कबूला कि चार माह से संबंध थे। 11 मार्च मेला देखने गए, जहां गैंगरेप व झगड़े में हत्या कर शव छिपाया।
एफएसएल ने साइट चेक की, शव पीएम को भेजा। अन्य की तलाश जारी। थानेदार की लापरवाही पर सवाल बने हुए हैं। चार घंटे की मशक्कत के बाद जाम खुला।
