
पटना, बिहार। 26 जनवरी को होने वाले 75वें गणतंत्र दिवस के भव्य समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं। इस सिलसिले में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें परेड में निकलने वाली झांकियों के डिजाइन और थीम पर विस्तृत चर्चा हुई। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन समेत कई विभाग अपनी-अपनी झांकियां प्रस्तुत करेंगे, जो बिहार की सांस्कृतिक धरोहर और विकास यात्रा को दर्शाएंगी।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि इस वर्ष की झांकियां राज्य की प्रगति की कहानी बयां करेंगी। नालंदा विश्वविद्यालय की प्राचीन विरासत से लेकर पटना मेट्रो जैसी आधुनिक परियोजनाओं तक का प्रदर्शन होगा। कारीगरों को मॉडल तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें एलईडी लाइट्स और साउंड सिस्टम का उपयोग किया जाएगा।
राजधानी के गांधी मैदान में रिहर्सल शुरू हो चुके हैं। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है, जबकि सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लोक नृत्य और देशभक्ति गीतों की धूम रहेगी। स्कूल-कॉलेजों के छात्र भी इसमें हिस्सा लेंगे, जिससे युवाओं में देशभक्ति की भावना जागृत होगी।
अमृत काल के विजन के अनुरूप यह समारोह बिहार की पुनरुत्थान की गाथा प्रस्तुत करेगा। लाइव प्रसारण और सोशल मीडिया के जरिए लाखों लोग जुड़ेंगे। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हर बिहारी इस उत्सव का हिस्सा बने।
झांकियों के माध्यम से ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और औद्योगिक प्रगति जैसे क्षेत्रों को प्रमुखता दी जाएगी। समारोह की सफलता के लिए सभी विभागों को समयबद्ध कार्य करने का निर्देश दिया गया है। गणतंत्र दिवस पर बिहार एक नई ऊंचाई छुएगा।