
बिहार के मोतिहारी में सीताकुंड धाम को पुनौरा धाम की तर्ज पर विकसित करने का बड़ा प्लान तैयार हो गया है। यह परियोजना राज्य के धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का वादा कर रही है। प्राचीन कथाओं से जुड़े इस धाम को अब आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, जिससे लाखों भक्तों का आकर्षण बढ़ेगा।
सीताकुंड धाम का विशेष महत्व माता सीता के तपस्या स्थल के रूप में है। रामायण की कथाएं यहां की पवित्रता को और मजबूत बनाती हैं। लेकिन खराब बुनियादी ढांचे के कारण इसकी क्षमता का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा था। सीतामढ़ी के पुनौरा धाम का सफल मॉडल अब यहां लागू होगा, जहां सुधारों के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में भारी इजाफा हुआ।
विकास योजना में विशाल पार्किंग, यात्री निवास, सड़कें चौड़ी करना शामिल है। रामायण कॉरिडोर, मूर्तियां और भव्य मंदिर निर्माण भी होंगे। जल संरक्षण, स्वच्छता और सोलर लाइटिंग जैसी पर्यावरण अनुकूल सुविधाएं दी जाएंगी।
स्थानीय नेता इसे आर्थिक क्रांति बता रहे हैं। ‘यह धरोहर संरक्षण के साथ रोजगार सृजन करेगा,’ एक अधिकारी ने कहा। कारीगरों की टीम मूर्तिकला और सज्जा पर काम करेगी। समुदाय की भागीदारी से योजना और मजबूत हो रही है।
जल्द शुरू हो रहे कार्य से सीताकुंड धाम प्रमुख तीर्थ बनकर उभरेगा, जो भक्ति और विकास का प्रतीक बनेगा।