
पटना। बिहार सरकार ने बालू घाटों के ठेके लेने के बाद इन्हें बीच में छोड़ देने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का ऐलान किया है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट कहा कि ऐसे डिफॉल्टरों को भविष्य में किसी भी टेंडर में हिस्सा नहीं लेने दिया जाएगा।
गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिन्हा ने बताया कि 78 कंपनियों पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है, जिन्होंने पिछले साल के रेट से तीन-चार गुना ज्यादा बोली लगाकर घाट लिए, लेकिन मुनाफा न होने का हवाला देकर सरेंडर कर दिए। कई जगह बालू माफिया की सांठगांठ सामने आई है।
विभाग ने 71 बिहारी योद्धाओं को सम्मानित किया, जिन्होंने अवैध खनन और ओवरलोडिंग की सूचना देकर पकड़वाया। उनकी पहचान सुरक्षित रखी गई है।
सरेंडर घाटों की समीक्षा डीएम की अगुवाई में जिला टास्क फोर्स करेगी और रेट संशोधन के बाद नई ई-निविदा जारी होगी। अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों के लिए ट्रांजिट चालान जरूरी, कैबिनेट ने मंजूरी दी।
राजस्व में उछाल आया है—2021-22 में 1600 करोड़ से 2024-25 में 3500 करोड़। 2025-26 का 3800 करोड़ लक्ष्य, जिसमें 3000 करोड़ जमा। अप्रैल-नवंबर में 31,297 छापे, 1600 एफआईआर, 400 गिरफ्तार। 400 पुलिसकर्मी अतिरिक्त, सभी घाट सीसीटीवी पर।