
मुंबई का मनोरंजन जगत भुवन बाम की प्रेरणादायक कहानी का साक्षी है। एक समय म्यूजिक इंडस्ट्री में बार-बार ठोकर खाने वाले इस कलाकार ने हास्य, संगीत और अभिनय में अपनी पहचान बना ली।
खुराफाती बचपन बिताने वाले भुवन को चार साल की उम्र से ही शास्त्रीय संगीत का शौक चढ़ गया। कठिन अभ्यास से तंग आकर उन्होंने एक बार संगीत त्याग दिया, लेकिन दसवीं कक्षा में फिर से गिटार थाम लिया। रेस्तरां में गायन और ऑडिशन की कोशिशें नाकाम रहीं।
तब एक वायरल वीडियो ने रास्ता दिखाया। भुवन ने छोटे-छोटे कॉमेडी क्लिप बनाए, जो सोशल मीडिया पर धूम मचाने लगे। ‘बीबी की वाइंस’ ने जन्म लिया, जिसमें भुवन ने बाबू, तितू मामा जैसे किरदारों से दर्शकों का दिल जीत लिया। यूट्यूब पर सबसे ज्यादा सब्सक्राइब्ड कॉमेडियन बन गए।
सफलता के बीच संगीत भूल गए, लेकिन कोरोना काल में माता-पिता को खोने के बाद ‘ढिंडोरा’ वेब सीरीज से धमाकेदार कमबैक किया। इसमें ‘साजिश’, ‘दीदी’ और ‘बन गई जिंदगी’ जैसे गाने गाए। इसके बाद ‘रफ्ता-रफ्ता’, ‘ख्वाबों के मेले’ जैसे एल्बम रिलीज हुए।
2025 में धर्मा प्रोडक्शन की ‘कुकू की कुंडली’ से बड़े पर्दे पर एंट्री। भुवन की जिंदगी साबित करती है कि हार न मानने वाले को मंजिल जरूर मिलती है।