
नई दिल्ली। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने मंगलवार को एनसीआर के रोहतक, मानेसर, पानीपत और करनाल में वायु प्रदूषण घटाने के एक्शन प्लान की बारीकी से जांच की। उच्च स्तरीय बैठक में पीएम10 के ऊंचे स्तर और कचरा प्रबंधन की कमियों पर गहन चर्चा हुई।
मंत्री ने निर्माण-विध्वंस कचरे की समस्या पर चिंता जाहिर की, जो औद्योगिक क्षेत्रों में व्याप्त है। उन्होंने फंडिंग और मंजूरियों को तेज करने के निर्देश दिए। हरियाणा के मुख्यमंत्री के साथ जल्द बैठक बुलाने की योजना है। सभी एनसीआर शहरों को एनसीएपी में शामिल करने पर जोर दिया गया।
अधिकारियों की प्रस्तुतियों के बाद सीटीई-सीटीओ, बिजली और जीएसटी डेटा संग्रह का आदेश हुआ। अवैध इकाइयों की पहचान के लिए डीएम सक्रिय किए गए, विशेषकर ओसीईएमएस और प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों में।
समीर ऐप से जुड़े सीएएक्यूएमएस बढ़ाने, जागरूकता अभियान, इलेक्ट्रिक बसों का समुचित उपयोग और सार्वजनिक परिवहन मजबूत करने के निर्देश। सड़क सफाई के लिए इलेक्ट्रिक-सीएनजी मशीनें, धूल रोकने को स्थानीय झाड़ियां और गड्ढा मरम्मत।
ट्रैफिक प्रबंधन योजनाएं, 5 किमी ग्रिड में सीएंडडी केंद्र। अधिकारी जिम्मेदारी लें, स्थानीय सहभागिता बढ़ाएं। सीएक्यूएम 2026 तक 15-20% एक्यूआई कमी लक्ष्य पर नजर रखेगा।
बैठक में सीएक्यूएम, मंत्रालय, बोर्ड और स्थानीय अधिकारी शामिल।