
नासिक के आगामी सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 धार्मिक आस्था और आधुनिक तकनीक के अनूठे संगम का गवाह बनेगा। भारत एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में प्रस्तुत ‘कुंभदूत’ एआई पहल का प्रमुख संत भक्ति चरण दास ने हार्दिक स्वागत किया है। यह पहल श्रद्धालुओं को वास्तविक समय में डिजिटल सहायता प्रदान करेगी, जिससे मेले की चहल-पहल में सुगमता आएगी।
रविवार को दिए गए विशेष बयान में दास ने कहा कि महाराष्ट्र के नासिक में 2027 का यह कुंभ पहली बार एआई से जुड़ेगा, जिसका नाम ‘कुंभदूत’ रखा गया है। मोबाइल ऐप के जरिए भक्त टेंटों की लोकेशन, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य सुविधाओं तक आसानी से पहुंच सकेंगे।
साधु-संत समाज और तीर्थयात्रियों के लिए यह तकनीक वरदान साबित होगी, दास ने जोर देकर कहा। इससे मेले में भीड़ प्रबंधन बेहतर होगा और आपात सेवाओं की पहुंच तेजी से संभव हो सकेगी।
हालांकि, उन्होंने सतर्कता बरतने की सलाह दी। एआई का उपयोग सुविधा के लिए जरूरी है, लेकिन इससे हमारी ऋषि-मुनि परंपरा, गुरु-शिष्य संबंध या धार्मिक मान्यताओं को कोई ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए। तकनीक को आस्था का सहायक बनाना होगा, न कि प्रतिस्थापन।
भारत मंडपम, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और नासिक प्रशासन को धन्यवाद देते हुए दास ने कहा कि ये तैयारियां 2027 के कुंभ को सभी के लिए लाभकारी बनाएंगी। सभी को इसकी कमियों का लाभ उठाना चाहिए।