
नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार ने पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर देश को गौरवान्वित किया। गृह मंत्रालय द्वारा जारी सूची में 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री सम्मानितों के नाम शामिल हैं। ये पुरस्कार विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिए जाते हैं।
सार्वजनिक क्षेत्र में केरल की केटी थॉमस और वीएस अच्युतानंदन (मरणोपरांत) को पद्म विभूषण से नवाजा गया। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण प्रदान किया जाएगा। झारखंड के पूर्व सीएम शिबू सोरेन (मरणोपरांत), दिल्ली के वीके मल्होत्रा (मरणोपरांत) और केरल के वेल्लापल्ली नटेसन को भी पद्म भूषण मिला। पद्म श्री में असम के कबिंद्र पुरकायस्थ (मरणोपरांत) का नाम है।
सामाजिक कार्य क्षेत्र में तमिलनाडु के एसकेएम मैइलानंदन को पद्म भूषण और 12 अन्य को पद्म श्री। इनमें कर्नाटक के अंक गौड़ा एम, जम्मू-कश्मीर के बृज लाल भट, छत्तीसगढ़ की डॉ. बुधरी टाटी, मेघालय की हैली वार, चंडीगढ़ के इंदरजीत सिंह सिद्धू, महाराष्ट्र के जनार्दन बापूराव बोथे, केरल की कोल्लाकल देवकी अम्मा जी, मध्य प्रदेश के मोहन नागर, गुजरात के निलेश विनोदचंद्र मंडलेवाला, कर्नाटक की एस जी सुशीला अम्मा, राजस्थान के स्वामी ब्रह्मदेव जी महाराज और अरुणाचल प्रदेश की टेची गुबिन शामिल हैं।
कृषि क्षेत्र में महाराष्ट्र के श्रीयंग देवाबा लाड, उत्तर प्रदेश के रघुपत सिंह और असम के जोगेश देउरी को पद्म श्री। ये सम्मान भारत की विविधता और सेवा भाव को दर्शाते हैं।