
बिहार के भागलपुर में पुलिस ने अपराध के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर दोहरी सफलता हासिल की है। साइबर फ्रॉड के दो अपराधियों और एक संगठित लूट गैंग के सरगना को गिरफ्तार कर लिया गया। इन कार्रवाइयों से अपराधियों में खलबली मच गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर थाने ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का दुरुपयोग करने वाले गिरोह पर शिकंजा कसा। ये गिरोह उन किसानों को निशाना बनाता था जिनकी सब्सिडी भुगतान केवाईसी पूर्ण न होने से रुका हुआ था। 27 फरवरी 2026 को दर्ज शिकायत पर केस संख्या 20/2026 दर्ज कर तकनीकी निगरानी शुरू की गई।
2 मार्च को हबीबपुर के राजकुमार दास और राधानगर के दीपक शर्मा को पकड़ा गया। उनके कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल, छह एटीएम कार्ड और बैंक पासबुक बरामद हुई। जांच से पता चला कि उन्होंने नकली खाते खोलकर किसानों का पैसा उड़ा लिया था। गिरोह के दो अन्य सदस्य पहले ही जेल पहुंच चुके हैं।
दूसरी कार्रवाई में 5 अक्टूबर 2025 के घोघा बाजार डकैती मामले के अंतिम फरार आरोपी पवन कुमार शर्मा को झारखंड के देवघर से 3 मार्च को गिरफ्तार किया गया। अब इस डकैती के सभी पांच आरोपी हिरासत में हैं। पवन के खिलाफ लूट और मारपीट के कई पुराने मुकदमे दर्ज हैं।
भागलपुर पुलिस ने साइबर और संगठित अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराई। साइबर थाना, डीआईयू और घोघा थाने की टीमों ने सराहनीय भूमिका निभाई। ये सफलताएं आमजन में विश्वास बढ़ाएंगी और अपराध पर अंकुश लगाएंगी।