
भागलपुर के रेशम भवन में शुक्रवार को एक बड़ा ऋण वितरण शिविर का आयोजन हुआ, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने की। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के तहत आयोजित इस शिविर ने स्थानीय उद्यमियों को नई उड़ान दी।
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक, एनईपी निदेशक, अग्रणी जिला प्रबंधक, सहायक उद्योग निदेशक अंबरीश आनंद समेत विभिन्न बैंकों के अधिकारी और सैकड़ों उद्यमी मौजूद थे। डीएम ने स्वयं चयनित उद्यमियों को ऋण चेक सौंपे, जो उनके व्यवसायिक सफर की शुरुआत का प्रतीक बने।
उद्यमियों को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि ये योजनाएं युवाओं को स्वरोजगार की राह दिखाकर उन्हें रोजगार देने वाले बनाना चाहती हैं। उन्होंने उद्यमियों के जोश की तारीफ की और स्टार्टअप को पूरे मन से चलाने का आह्वान किया।
उप विकास आयुक्त ने बैंकों की भूमिका को सराहते हुए कहा कि समयबद्ध ऋण वितरण से जिले का औद्योगिक माहौल मजबूत होगा। प्रशासन और बैंकों के समन्वय से ही सूक्ष्म उद्योग फल-फूल सकेंगे।
समापन पर प्रोजेक्ट मैनेजर राकेश कुमार ने सभी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग उद्यमियों की हर मदद के लिए तैयार है। यह शिविर भागलपुर में आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिखेगा।