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बेंगलुरु: कन्नड़ लेखिका आशा रघु की आत्महत्या से साहित्य जगत स्तब्ध

बेंगलुरु से दिल दहला देने वाली खबर आई है। प्रसिद्ध कन्नड़ लेखिका और प्रकाशक आशा रघु ने मंगलवार रात अपने आवास पर आत्महत्या कर ली। 52 वर्षीय आशा का निधन साहित्य प्रेमियों के लिए अपूरणीय क्षति है। आशा...

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Lok Shaktiसंवाददाता (Reporter)
|भारत|
January 9, 2026
बेंगलुरु: कन्नड़ लेखिका आशा रघु की आत्महत्या से साहित्य जगत स्तब्ध
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बेंगलुरु से दिल दहला देने वाली खबर आई है। प्रसिद्ध कन्नड़ लेखिका और प्रकाशक आशा रघु ने मंगलवार रात अपने आवास पर आत्महत्या कर ली। 52 वर्षीय आशा का निधन साहित्य प्रेमियों के लिए अपूरणीय क्षति है।

आशा रघु कन्नड़ साहित्य की प्रमुख हस्ती थीं। उनकी कहानियां और उपन्यास आधुनिक जीवन की जटिलताओं को बखूबी उकेरते थे। उन्होंने आशा प्रकाशन नामक संस्थान स्थापित कर उभरते लेखकों को मंच प्रदान किया। कर्नाटक साहित्य अकादमी पुरस्कार समेत कई सम्मान उनके नाम रहे।

इंदिरानगर स्थित उनके फ्लैट में पड़ोसियों ने संदिग्ध आवाजें सुनकर पुलिस को सूचना दी। मौके पर मिले सुसाइड नोट से साफ है कि स्वास्थ्य समस्याओं और व्यावसायिक दबावों ने उन्हें तोड़ दिया। पुलिस ने कोई फाउल प्ले न होने की पुष्टि की है।

समाचार फैलते ही कन्नड़ सिनेमा और साहित्य के दिग्गजों ने शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री सिद्धरामैया ने शोक संदेश जारी कर राजकीय सम्मान की घोषणा की। यह घटना कलाकारों की मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों पर बहस छेड़ रही है। आशा के अनछपे कार्यों को प्रकाशित करने का वादा किया गया है।

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