
नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बेंगलुरु जेल कट्टरपंथीकरण मामले में बड़ा खुलासा करते हुए तीन नए आरोपियों के खिलाफ दूसरी पूरक चार्जशीट दाखिल की है। यह मामला प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़ा हुआ है, जो देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा था। एनआईए की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, अनीस फातिमा, चान पाशा ए और डॉ. नागराज एस पर भारतीय दंड संहिता (IPC), गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तथा कर्नाटक जेल अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
एनआईए ने अक्टूबर 2023 में बेंगलुरु सिटी पुलिस से यह केस अपने हाथ में लिया था। जुलाई 2023 में शुरू हुई जांच में शहर में बड़े आतंकी हमले की साजिश का पर्दाफाश हुआ, जिसमें हथियार, गोला-बारूद और डिजिटल उपकरण बरामद किए गए। आरोपी बेंगलुरु जेल में उम्रकैद काट रहे टी नसीर को अदालत ले जाते समय फरार कराने की योजना बना रहे थे, जो 2008 के बेंगलुरु सीरियल ब्लास्ट केस का मुख्य आरोपी है।
तीन नए आरोपियों में अनीस फातिमा फरार आरोपी जुनैद अहमद की मां हैं। जांच में पता चला कि उन्होंने टी नसीर को लॉजिस्टिक सपोर्ट, फंडिंग, हैंड ग्रेनेड और वॉकी-टॉकी की व्यवस्था की। उन्होंने मुख्य आरोपी सलमान खान को छिपाया और दुबई भेजने में मदद की, जिसे बाद में रवांडा से प्रत्यर्पित किया गया। चान पाशा ए, जो बेंगलुरु सिटी आर्म्ड रिजर्व में ASI थे, ने सलमान खान से रिश्वत लेकर टी नसीर की एस्कॉर्ट ड्यूटी की गोपनीय जानकारी लीक की। डॉ. नागराज एस, जेल अस्पताल के मनोचिकित्सक, ने कैदियों को मोबाइल फोन तस्करी कर बेचे, जिनमें से एक टी नसीर तक पहुंचा और आतंकी साजिश को बढ़ावा मिला।
एनआईए ने स्पष्ट किया कि फरार आरोपियों की तलाश जारी है और आगे और खुलासे होंगे। यह बेंगलुरु जेल कट्टरपंथीकरण मामला आतंकी नेटवर्क की गहराई को उजागर करता है, जो जेलों के अंदर भी सक्रिय हैं। देशवासियों को सतर्क रहने की जरूरत है।