
पटना, 8 मार्च। भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अपमान आदिवासी पृष्ठभूमि के कारण किया है। पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जायसवाल ने कहा कि ममता को यह सहन नहीं हो रहा कि ओडिशा की एक साधारण शिक्षिका आदिवासी समाज से राष्ट्रपति बनीं।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कार्यक्रम स्थल बदलने पर नाराजगी जताई थी, जिसके बाद भाजपा लगातार ममता पर हमलावर हो रही है। जायसवाल ने कहा, ‘ममता की बयानबाजी और प्रोटोकॉल का पालन न करना उनकी सोच को उजागर करता है। भारत की जनता इस अपमान का बदला जरूर लेगी।’
एक्स पर पोस्ट में उन्होंने लिखा कि राष्ट्रपति और आदिवासी समाज की भावनाओं की अनदेखी शर्मनाक है। टीएमसी सरकार ने मर्यादा की सारी हदें पार कर ली हैं। राष्ट्रपति पद राजनीति से ऊपर है, इसकी गरिमा का सम्मान अनिवार्य है। ममता ने घटिया राजनीति से लोकतंत्र को कमजोर किया है।
बिहार सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत के राजनीति में प्रवेश पर जायसवाल ने स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पढ़े-लिखे लोग राजनीति में आएं तो स्तर सुधरता है। सभी का स्वागत है।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर उन्होंने महिलाओं की भूमिका की सराहना की। परिवार से राष्ट्र तक उनका योगदान प्रेरक है। नारी शक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण का संकल्प लें। सभी को बधाई।