
छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार में हुई हिंसक झड़पों के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अजय यादव को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना क्षेत्र में व्याप्त तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो रही है।
पिछले सप्ताह हुई यह हिंसा एक छोटे से विवाद से शुरू होकर साम्प्रदायिक दंगे में बदल गई। पथराव, आगजनी और लूटपाट की घटनाओं ने शहर को युद्धभूमि में तब्दील कर दिया। दर्जनों लोग घायल हुए और संपत्ति का भारी नुकसान हुआ। प्रशासन ने कर्फ्यू लगाकर हालात संभाले।
पुलिस को खुफिया जानकारी मिली कि अजय यादव ने भीड़ को उकसाया और हिंसा को भड़काने में अहम भूमिका निभाई। रायपुर के बाहरी इलाके से उन्हें हिरासत में लिया गया। पूछताछ में वीडियो सबूत और गवाहों के बयान उनके खिलाफ हैं।
अब तक 50 से अधिक लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। यादव की गिरफ्तारी से संगठन की कमर टूट सकती है। जिला प्रशासन ने प्रभावितों को मुआवजा और पुनर्वास की योजना शुरू की है।
राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। विपक्ष सरकार पर नाकामी का ठीकरा फोड़ रहा है, जबकि सत्ताधारी दल सख्ती का श्रेय ले रहा। यह घटना सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की चुनौतियों को रेखांकित करती है।