
अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के पूरे दो वर्ष होने पर संत समाज में हर्षोल्लास का氛围 व्याप्त है। 22 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए इस ऐतिहासिक अनुष्ठान ने 500 वर्षों की प्रतीक्षा को समाप्त कर दिया था। आज संतगण इस परिवर्तन का पूरा श्रेय मोदी जी और सीएम योगी आदित्यनाथ को दे रहे हैं।
साकेत भवन मंदिर के महंत सीताराम दास ने कहा, ‘दो वर्ष पूर्व मोदी जी के करकमलों द्वारा रामलला की स्थापना हुई, जो सनातनियों की अभिलाषा पूरी करती है। वेद-पुराणों जैसी अयोध्या का निर्माण इन्होंने किया है।’ उन्होंने कहा कि आज अयोध्या का स्वरूप अभूतपूर्व है, धर्म चरम पर है और त्रेता युग की झलक दिख रही है। देशभर में मंदिरों का सौंदर्यीकरण हो रहा है।
अयोध्या धाम के कृपालु महाराज ने उत्साह बताते हुए कहा, ‘दो साल में अयोध्या का अप्रत्याशित विकास हुआ है। राम राज्य जैसा प्रतीत हो रहा। विशेष कार्यक्रमों के साथ शाम को घी के दीप जलेंगे। मोदी-योगी को कोटि-कोटि धन्यवाद।’
राम जन्मभूमि के शरद शर्मा ने विकास की गति पर प्रकाश डाला—रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, बसें बढ़ीं। पिछले वर्ष 25 करोड़ भक्त आए, इस साल 20-22 करोड़। ‘अब जन्मदिन राम दर्शन से मनाते हैं।’
हनुमानगढ़ी के आचार्य अमित दास बोले, ‘500 वर्षों की लड़ाई जीतकर रामलला घर लौटे। अयोध्या अब पूर्ण, अलौकिक रूप में।’ यह अवसर अयोध्या के पुनर्जन्म का प्रतीक है, जो आस्था और विकास का संगम दर्शाता है।