
नई दिल्ली। केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने एआई समिट के दौरान कांग्रेस के प्रदर्शन पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने इसे देश की अंतरराष्ट्रीय छवि को धक्का पहुंचाने वाला और राष्ट्रविरोधी कदम करार दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर 80-90 देशों के राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री इस वैश्विक आयोजन में शरीक हुए थे। ऐसे संवेदनशील मौके पर विरोध करना भारत की प्रतिष्ठा पर कलंक लगाने जैसा है। आठवले ने मीडिया से कहा कि इससे देश की इमेज को गहरा नुकसान पहुंचा है।
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि वे अपनी ही पार्टी को बदनाम कर रहे हैं। यह गतिविधियां राष्ट्रहित के विरुद्ध हैं।
महाराष्ट्र आरक्षण विवाद पर आठवले ने स्पष्ट किया कि मुस्लिम समुदाय को ओबीसी कोटे में 80 प्रतिशत जातियां शामिल होने से लाभ मिल रहा है। ईडब्ल्यूएस आरक्षण भी सभी गरीबों के लिए है। धर्म आधारित कोटा संविधान विरोधी है, सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है।
घुसपैठ पर गृह मंत्री अमित शाह का रुख सख्त है। अवैध रहने वालों को मतदाता सूची से ही नहीं, देश से भी बाहर किया जाएगा। चुनाव आयोग वैध मतदाताओं की सुनिश्चितता करता है।
रामविलास पासवान को भारत रत्न देने की मांग का समर्थन करते हुए आठवले ने उनके योगदान की याद दिलाई। अंबेडकरवादी नेता के रूप में पासवान का बिहार व दलित समाज पर अमिट प्रभाव है। केंद्र को इस पर विचार करना चाहिए।
आठवले के बयान से राजनीतिक बहस तेज हो गई है।