
असम की राजनीति में विधानसभा चुनावों से पहले विपक्ष को करारा झटका लगा है। रायजोर दल के अध्यक्ष और शिवसागर से विधायक अखिल गोगोई ने रविवार को घोषणा की कि उनकी पार्टी और कांग्रेस के बीच प्रस्तावित गठबंधन पूरी तरह समाप्त हो गया है।
प्रेस वार्ता में गोगोई ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं गौरव गोगोई और रकीबुल हुसैन के ‘अहंकार’ को इसका प्रमुख कारण बताया। उन्होंने कहा कि सीट बंटवारे पर मतभेद, खासकर ढींग विधानसभा क्षेत्रを लेकर विवाद ने सबकुछ बर्बाद कर दिया।
गोगोई के अनुसार, कई दौर की बातचीत के बावजूद कांग्रेस ने पहले दिए वादों का पालन नहीं किया। रायजोर दल ने महज 15 सीटों की मांग की थी, लेकिन कांग्रेस केवल 9 देने को तैयार हुई। ढींग सीट पर प्रद्युत बोरदोलोई का आश्वासन बाद में गौरव गोगोई ने तोड़ दिया।
उन्होंने दलगांव में हुए विरोध प्रदर्शनों को भी असम कांग्रेस की साजिश करार दिया। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह घटना भाजपा विरोधी एकता के लिए बड़ा नुकसान है। अब रायजोर दल अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी में है।
चुनावी समर में यह टूट विपक्ष की रणनीति को प्रभावित करेगा। क्या कांग्रेस नुकसान की भरपाई कर पाएगी, यह समय बताएगा। असम के मतदाता नई राजनीतिक सरचना पर नजर रखे हुए हैं।