असम कांग्रेस को विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा झटका, डिब्रूगढ़ सांसद प्रद्युत बोरदोलोई का इस्तीफा
असम विधानसभा चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस को करारा झटका लगा है। डिब्रूगढ़ से सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के करीबी प्रद्युत बोरदोलोई ने मंगलवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने...


असम विधानसभा चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस को करारा झटका लगा है। डिब्रूगढ़ से सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के करीबी प्रद्युत बोरदोलोई ने मंगलवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर सभी पदों, विशेषाधिकारों और प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया।
पत्र में बोरदोलोई ने दुख व्यक्त करते हुए कहा, 'मैं बहुत दुख के साथ इंडियन नेशनल कांग्रेस के सभी पदों, विशेष अधिकारों और प्राइमरी मेंबरशिप से इस्तीफा दे रहा हूं।' उन्होंने पार्टी को शुभकामनाएं दीं।
डिब्रूगढ़ लोकसभा क्षेत्र से 2019 और 2024 में कांग्रेस टिकट पर जीतने वाले बोरदोलोई भाजपा का पारंपरिक गढ़ तोड़ने में सफल रहे। राजनीतिक हलचलों के मुताबिक, वे जल्द ही भाजपा में शामिल हो सकते हैं और असम इकाई में अहम जिम्मेदारी संभाल सकते हैं।
कांग्रेस पहले से ही असम में संगठनात्मक कमजोरियों और आंतरिक कलह से जूझ रही है। पूर्व असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बोरदोलोई ने 2016 चुनाव अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। लेकिन लगातार हारों, खासकर 2021 में 29 सीटों तक सिमटने से कई नेताओं में नाराजगी बढ़ी।
बोरदोलोई ने पार्टी की रणनीति, ढांचे और केंद्रीय नेतृत्व पर सवाल उठाए थे। भाजपा की बढ़ती ताकत और बदलते राजनीतिक समीकरणों ने उन्हें यह कदम उठाने के लिए प्रेरित किया। 2016 से सत्ता में भाजपा ने 2024 लोकसभा चुनाव में 14 में से 9 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को 3 मिलीं।
बोरदोलोई का जाना डिब्रूगढ़ और ऊपरी असम में भाजपा को और मजबूत कर सकता है। असम की 126 सीटों पर 9 अप्रैल को एक ही चरण में voting होगा, नतीजे 4 मई को। यह घटना चुनावी समर को और रोमांचक बना देगी।

