
गुवाहाटी में मंगलवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए उन सीटों को चुना है जहां बांग्लादेशी मूल के मुसलमानों का प्रभाव प्रमुख है।
मीडिया से बातचीत में सरमा ने कहा कि कांग्रेस गठबंधन की अधिकांश सीटें ऐसी हैं जहां इन समुदायों की अच्छी संख्या है। यह उनकी राजनीतिक प्राथमिकताओं को उजागर करता है, जो असम के मूल निवासियों के हितों से कोसों दूर है। ‘असमवासियों को इन सीटों पर नजर रखनी चाहिए। कांग्रेस स्पष्ट रूप से स्थानीय लोगों के साथ नहीं खड़ी है।’
चुनाव नजदीक आते ही यह पैटर्न साफ हो रहा है। सरमा ने कांग्रेस और अखिल गोगोई की रायजोर दल के बीच मुकाबले का भी जिक्र किया, जो इन्हीं सीटों तक सीमित है। ‘कांग्रेस ने असम से दूरी बना ली है। जोरहाट या डिब्रूगढ़ जैसे इलाकों में लड़ाई होती तो बात अलग होती। उन्होंने अपनी राजनीति बांग्लादेशी मूल के मुस्लिम वोटरों के हवाले कर दी है।’
राज्य में राजनीतिक बयानबाजी चरम पर है। पार्टियां चुनावी तैयारी में जुट गई हैं, और सरमा का यह बयान भाजपा की रणनीति को मजबूत करता नजर आ रहा है। असम की जनता आगामी चुनावों में इन मुद्दों पर फैसला लेगी।