असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए 48 घंटे के अंदर मानहानि का मुकदमा दायर करने का ऐलान किया है। खेड़ा द्वारा लगाए गए आधारहीन आरोपों पर सरमा ने कहा कि यदि माफी नहीं मांगी गई, तो कानूनी कार्रवाई तय है।

गुवाहाटी में आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए सीएम ने खेड़ा के दावों को खारिज करते हुए राज्य की उपलब्धियों का जिक्र किया। सड़कें, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति का हवाला देते हुए उन्होंने कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों की नाकामियों पर तंज कसा। ‘झूठ का साथी कोर्ट में मिलेगा,’ सरमा ने चेतावनी दी।
यह विवाद तब भड़का जब खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में असम सरकार पर गंभीर इल्जाम लगाए। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह आगामी चुनावों से पहले दोनों दलों के बीच जंग का नया दौर है।
कानूनी जानकारों का मानना है कि ऐसी याचिकाएं अक्सर दबाव बनाने का हथियार बनती हैं। खेड़ा陣营 की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। 48 घंटे का समय समाप्त होने पर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
असम जैसे विकासशील राज्य में यह घटना राजनीतिक बहस को तेज कर रही है, जहां जनता उम्मीद करती है कि नेता मुद्दों पर केंद्रित रहें।
