असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर जनता को भ्रमित करने का गंभीर आरोप लगाया है। गुवाहाटी में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस धोखाधड़ी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस नेताओं ने कथित सरकारी दस्तावेज दिखाकर राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। लेकिन जांच में साबित हो गया कि ये दस्तावेज पूरी तरह नकली थे, जिनमें जाली मुहरें, गलत तारीखें और हेरफेर किए गए हस्ताक्षर थे।
“यह राजनीतिक शरारत नहीं, बल्कि लोकतंत्र पर सीधा हमला है,” सरमा ने कहा। उन्होंने बताया कि विशेष जांच टीम गठित की गई है और साइबर सेल के साथ मिलकर इसकी जड़ तक पहुंचा जाएगा।
सरकार की तत्परता की सराहना हो रही है। आने वाले चुनावों से पहले यह घटना विपक्ष की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रही है। बीजेपी सरकार विकास कार्यों से मजबूत स्थिति में है, जबकि कांग्रेस के ऐसे हथकंडे वोटरों को दूर कर सकते हैं।
कानूनी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सरमा ने सभी दलों से स्वस्थ राजनीति की अपील की। असम की जनता अब न्याय की प्रतीक्षा कर रही है।
