
गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर बताया कि पिछले पांच वर्षों में सिंचाई ने राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है। कृषि बुनियादी ढांचे पर केंद्रित प्रयासों से सिंचाई अब किसानों की जीवनरेखा बन चुकी है।
सरकार ने全省 में 772 लघु सिंचाई योजनाएं शुरू की हैं, जिनसे 60,000 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि पर जल उपलब्धता सुनिश्चित हुई है। सीएम ने कहा, ‘मॉनसून पर आश्रित खेत अब आत्मविश्वास से लहलहा रहे हैं।’
धनसिरी सिंचाई परियोजना की सफल पूर्णता एक मील का पत्थर है, जिसने 175 गांवों की खेती को स्थायी जल आपूर्ति प्रदान की। इससे किसानों को बेहतर उपज और रोजगार के अवसर मिलेंगे।
सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई प्रणालियों को अपनाकर पुरानी योजनाओं को पुनर्जनन दिया गया है। अनियमित वर्षा पर निर्भरता घटने से बहु-फसली चक्र संभव हुए हैं, उत्पादकता में वृद्धि हुई।
ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ा, जल प्रबंधन मजबूत हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि यह जलवायु परिवर्तन से निपटने में सहायक होगा। सरकार किसानों की आय दोगुनी करने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कटिबद्ध है। सिंचाई असम के सतत विकास का आधार बनेगी।