
गुवाहाटी के खानपारा वेटरनरी फील्ड में बुधवार को एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित हुआ, जहां असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मुख्यमंत्री आत्मनिर्भर असम अभियान (सीएमएएए) 1.0 के तहत लाभार्थियों को चेक वितरित किए। इस योजना का मूल मकसद राज्य के युवाओं को स्वरोजगार के रास्ते दिखाना और उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है।
कार्यक्रम में सीएम सरमा ने चयनित युवाओं को चेक सौंपे और कहा कि सरकार युवा सशक्तिकरण तथा असम भर में रोजगार पैदा करने के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि योग्य उम्मीदवार बिना किसी गारंटी के 2 लाख रुपये तक की सहायता ले सकते हैं। आने वाले समय में इसे पीएम मुद्रा योजना से जोड़ा जाएगा, जिससे उद्यमियों को और अधिक लाभ मिलेगा।
पहले चरण में करीब एक लाख युवाओं को प्रारंभिक 1 लाख रुपये की पहली किश्त दी जाएगी। दूसरे चरण में 12,000 लाभार्थियों को अतिरिक्त सहायता और अंतिम चरण में अन्य 12,000 को पूर्ण 2 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे। सीएम ने गर्व से कहा, ‘असम में स्वरोजगार का मजबूत ढांचा विकसित हो रहा है।’
लाभार्थियों ने योजना की भूरी-भूरी प्रशंसा की। एक महिला ने कहा कि इस सहायता से उनकी आय बढ़ेगी और सरकार का महिलाओं पर ध्यान सराहनीय है। दूसरी महिला ने भी अपनी कमाई बढ़ाने की उम्मीद जताई। एक पुरुष लाभार्थी ने वर्तमान सरकार की तारीफ की, जबकि बेकरी मालिक ने व्यापार विस्तार की योजना बताई।
वैश्विक एलपीजी संकट पर बोलते हुए सीएम ने पीएम मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताया। कोविड के दौरान ऑक्सीजन प्रबंधन का हवाला देते हुए उन्होंने आश्वासन दिया कि असम में घरेलू गैस की कोई कमी नहीं होगी।
यह अभियान असम की आर्थिक प्रगति की नई दिशा है, जो युवाओं को आत्मनिर्भरता की उड़ान देगा।