
गुवाहाटी में खानापारा वेटरनरी फील्ड पर आयोजित एक भव्य समारोह में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मुख्यमंत्री आत्मनिर्भर असम अभियान (सीएमएएए) 1.0 के तहत चयनित लाभार्थियों को चेक वितरित किए। यह पहल राज्य के युवाओं को स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम का मूल उद्देश्य असम के नौजवानों को वित्तीय सहायता प्रदान कर आत्मनिर्भरता की राह दिखाना है। सीएम सरमा ने लाभार्थियों को चेक सौंपते हुए कहा कि सरकार युवा सशक्तिकरण और रोजगार सृजन के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित है। योजना के तहत पात्र उम्मीदवारों को 2 लाख रुपये तक की मदद मिलेगी, जो जमानत रहित भी हो सकती है।
भविष्य में इसे पीएम मुद्रा योजना से जोड़ने की योजना है, जिससे युवा उद्यमियों को और अधिक लाभ पहुंचेगा। पहले चरण में लगभग एक लाख युवाओं को 1 लाख रुपये की पहली किश्त दी जाएगी। दूसरे चरण में 12 हजार को अतिरिक्त सहायता और अंतिम चरण में अन्य 12 हजार को पूर्ण 2 लाख रुपये मिलेंगे।
सीएम ने गर्व से कहा, “असम में स्वरोजगार का मजबूत मॉडल विकसित हो रहा है।” लाभार्थियों ने भी सराहना की। एक महिला ने बताया कि इससे उनकी आय दोगुनी हो जाएगी और सरकार महिलाओं पर विशेष ध्यान दे रही है। दूसरी महिला ने व्यवसाय विस्तार की बात कही। एक पुरुष लाभार्थी ने पिछली सरकारों की तुलना में वर्तमान की मदद की प्रशंसा की, जबकि बेकरी मालिक ने कारोबार बढ़ाने की योजना बताई।
यह अभियान असम की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा और युवाओं को स्वावलंबी बनाएगा।