
बीजेपी नेता आशीष सूद ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) कैंपस में लगाए गए देशविरोधी नारों की कठोर शब्दों में निंदा की है। उन्होंने इसे अत्यंत निंदनीय करार देते हुए कहा कि यह राष्ट्र की एकता के खिलाफ घिनौना प्रयास है।
दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता में सूद ने जोर देकर कहा, ‘जेएनयू जैसा प्रतिष्ठित संस्थान ज्ञान का केंद्र होना चाहिए, न कि विभाजनकारी तत्वों का अड्डा।’ उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से दोषियों की शिनाख्त और सख्त कार्रवाई की मांग की।
घटना की जानकारी के अनुसार, छात्रों के एक जमावड़े के दौरान ये उत्तेजक नारे लगाए गए, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं। सूद ने इसे 2016 की घटनाओं से जोड़ते हुए चेतावनी दी कि ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जेएनयू बार-बार ऐसी विवादों का केंद्र बन रहा है, जहां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राष्ट्रहित के बीच टकराव उभरता है। सूद ने युवाओं से देशभक्ति का आह्वान किया।
विपक्ष ने बीजेपी पर अकादमिक स्वतंत्रता पर हमले का आरोप लगाया, लेकिन सूद ने पलटवार करते हुए कहा कि राष्ट्रद्रोह को स्वतंत्रता का नाम नहीं दिया जा सकता। फिलहाल, जेएनयू प्रशासन ने आंतरिक जांच शुरू करने की बात कही है।
