
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने गुरुवार को पापुम पारे जिले के दोइमुख में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता (एफएलएन) सेंटर का शुभारंभ किया। यह कदम राज्य में प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों से प्रेरित है।
इस सेंटर का उद्देश्य तीसरी कक्षा तक हर बच्चे को बुनियादी पढ़ाई-गणित की क्षमता प्रदान करना है, जो स्थानीय संस्कृति के अनुरूप ढाला गया है। उद्घाटन समारोह में सीएम ने कहा कि प्रारंभिक कौशल ही आगे की पढ़ाई की मजबूत नींव होते हैं। प्राइमरी स्तर पर कमजोरी आने वाले वर्षों में बड़ी बाधा बन सकती है।
सेंटर में खेल-कूद आधारित शिक्षा, मातृभाषा का प्रयोग, निरंतर मूल्यांकन और सुधारक सहायता पर जोर है। शिक्षकों का प्रशिक्षण और समुदाय की भागीदारी इसे प्रभावी बनाएगी। साक्षरता में कहानी-कथन, ध्वन्यात्मक पढ़ाई, समझबूझ पढ़ना, श्रवण-लेखन और लेखन विकास शामिल हैं।
सीबीएसई अनुरूप डिजिटल एंड्रॉयड बोर्ड गतिविधि शिक्षण को बढ़ावा देगा। संख्यात्मकता में ठोस-चित्रीय-अमूर्त पद्धति से संख्या ज्ञान, गणना दक्षता, समस्या समाधान और सहपाठी सीख को प्रोत्साहन मिलेगा। सांस्कृतिक केंद्र में अरुणाचल की जनजातीय विरासत से बच्चों को जोड़ा जाएगा।
यह पहल सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का नया दौर शुरू करेगी, जो राज्य के भविष्य को आकार देगी।