
जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा समीक्षा के दौरान थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने एक पुराने सहकर्मी से मुलाकात की, जो देखने वालों के दिल को छू गई। शुक्रवार से शुरू हुए दो दिवसीय दौरे के पहले दिन उन्होंने जम्मू के व्हाइट नाइट कोर में सुरक्षा स्थिति और सैन्य तैनाती की गहन समीक्षा की।
नगरोटा में कमांडरों ने काउंटर टेरर ऑपरेशंस और तैनाती की विस्तृत ब्रिफिंग दी। जनरल द्विवेदी ने अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों से भी चर्चा की, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है। दूसरे दिन वे खुद फॉरवर्ड लोकेशंस पर पहुंचे, जहां जवानों से सीधा संवाद किया।
जवानों के उच्च मनोबल और सतर्कता की प्रशंसा करते हुए पूंछ के कामसर गांव में 18 जम्मू-कश्मीर राइफल्स के रिटायर्ड सूबेदार (मानद कैप्टन) परवेज अहमद से भेंट हुई। 2002-2005 में जनरल द्विवेदी के कमांड में वे उनकी यूनिट का हिस्सा थे।
1991 में भर्ती हुए परवेज ने 25 वर्ष की सेवा के बाद 2019 में सेवानिवृत्ति ली। रिटायरमेंट के बाद भी ऑपरेशन सिंदूर में उन्होंने सक्रिय योगदान दिया, सामग्री, स्थानीय खुफिया जानकारी उपलब्ध कराई। इस समर्पण पर जनरल द्विवेदी ने उन्हें वेटरन अचीवर अवॉर्ड से सम्मानित किया।
रिटायर्ड सैनिक हमेशा सेना की आंख-कान बने रहते हैं। आतंकी विरोधी सफलताओं में उनका लोकल इनपुट और एजेंसियों का समन्वय महत्वपूर्ण रहा है। यह मुलाकात सैन्य भाईचारे की मिसाल है।