
भारतीय सेना ने वीरता पुरस्कार समारोह में अपने बहादुर जवानों को ‘सेना पदक’ से सम्मानित किया। इस भव्य आयोजन में शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने वीर योद्धाओं के सीने पर पदक लगाए, जो राष्ट्र की रक्षा में जोखिम भरे कार्यों के लिए चुने गए थे।
पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं में वे जवान शामिल थे, जिन्होंने हालिया आतंकवाद विरोधी अभियानों में अदम्य साहस का परिचय दिया। ऊबड़-खाबड़ इलाकों में उनकी तत्परता ने खतरों को विफल कर दिया और कई जिंदगियों को बचाया। यह सम्मान सेना के सच्चे जज्बे को दर्शाता है।
समारोह का सबसे मार्मिक क्षण तब आया जब एक शहीद की पत्नी ने उनके नाम पर पदक ग्रहण किया। आंसू भरी आंखों से उन्होंने कहा, ‘हमारे लिए यह गर्व की बात है।’ उनके शब्दों ने सभी को भावुक कर दिया, जो सैनिक परिवारों के बलिदानों की याद दिलाते हैं।
सेना प्रमुख ने पुरस्कारियों की सराहना की और कहा कि ऐसे कार्य पूरे बल को प्रेरित करते हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा के बदलते परिदृश्य में सेना की निष्ठा पर जोर दिया गया। यह समारोह नायकों को सम्मान देने का प्रतीक है।
देशभर में इसकी चर्चा हो रही है, जो सैनिकों के प्रति जन समर्थन को मजबूत करती है। ऐसे सम्मान भविष्य के योद्धाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनेंगे।