
मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के आगामी चुनावों से पहले एक बड़ा राजनीतिक मोड़ आ गया है। उत्तर प्रदेश की प्रमुख नेता अपर्णा यादव ने उत्तर भारतीय समुदाय से महायुति के पक्ष में वोट डालने की अपील की है। योगी आदित्यनाथ की बहन अपर्णा ने वर्चुअल संबोधन में कहा कि यह गठबंधन प्रवासी समुदाय के हितों की रक्षा करेगा।
मुंबई में बिहार और यूपी से आए लाखों लोग बीएमसी के कई वार्डों में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। अपर्णा ने आवास, रोजगार और सांस्कृतिक अधिकारों पर जोर देते हुए कहा, ‘हमारी एकजुटता ही हमारी ताकत है। विपक्षी ताकतें हमें बांटना चाहती हैं।’
बीएमसी चुनावों में शिवसेना-बीजेपी के अलावा क्षेत्रीय दलों की भी भिड़ंत होगी। उत्तर भारतीय वोटों का ध्रुवीकरण महायुति को फायदा पहुंचा सकता है। समुदाय संगठनों ने अपर्णा के बयान का स्वागत किया और रैलियों की योजना बनाई।
विरोधियों ने इसे बाहरी हस्तक्षेप बताया, लेकिन समर्थक इसे समुदाय की जीत मान रहे हैं। बीएमसी का बजट कई राज्यों से बड़ा है, इसलिए दांव ऊंचा है। अपर्णा का समर्थन मुंबई की राजनीति को नया रूप दे सकता है। यह प्रवासी राजनीति का नया अध्याय खोलता है।
