
वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने अपने बेटे अग्निवेश अग्रवाल के आकस्मिक निधन पर सोशल मीडिया पर एक गहरा भावुक पोस्ट साझा किया है। इस दुखद घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की, जिससे पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई।
अग्रवाल ने अपने पोस्ट में बेटे के साथ बिताए पलों को याद करते हुए लिखा कि अग्निवेश उनकी जिंदगी का अहम हिस्सा था। बचपन की यादें, व्यापारिक चर्चाएं और परिवारिक खुशियां – सब कुछ साझा करते हुए उन्होंने अपार दर्द का इजहार किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘अग्निवेश अग्रवाल के निधन की खबर से दुखी हूं। अनिल अग्रवाल और उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।’ वेदांता जैसे औद्योगिक घराने का यह नुकसान राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया।
अग्निवेश, जो व्हार्टन से पढ़े हुए थे, कंपनी के भविष्य के प्रति उत्साही थे। खनन, धातु और ऊर्जा क्षेत्रों में वेदांता की मजबूत पकड़ के बीच उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी। पर्यावरणीय मुद्दों पर उनकी सक्रियता सराहनीय थी।
अनिल अग्रवाल ने स्क्रैप व्यापार से साम्राज्य खड़ा किया। परिवार की परंपरा को अगली पीढ़ी सौंपने की तैयारी में अग्निवेश अग्रणी थे। अब उनके जाने से भावनात्मक और व्यावसायिक दोनों मोर्चों पर चुनौतियां बढ़ गई हैं।
व्यापार जगत के दिग्गजों जैसे मुकेश अंबानी और गौतम अडानी ने भी श्रद्धांजलि दी। अग्रवाल परिवार की कालिंगा फाउंडेशन के जरिए शिक्षा और ग्रामीण विकास के कार्य याद किए जा रहे हैं।
यह घटना जीवन की नश्वरता की याद दिलाती है। अनिल अग्रवाल का खुला दर्द साझा करना प्रेरणादायक है, जो कठिन समय में मजबूती का संदेश देता है।