
आंध्र प्रदेश के एक ग्रामीण इलाके में संक्रांति पर्व के दौरान आयोजित मुर्गा लड़ाई ने सबको चौंका दिया। एक स्थानीय व्यक्ति के मुर्गे ने जबरदस्त प्रदर्शन कर 1.53 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक इनाम जीत लिया। यह जीत न केवल उस व्यक्ति का जीवन बदल देगी, बल्कि पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है।
संक्रांति का त्योहार आंध्र में उत्साह से मनाया जाता है। पतंगबाजी, भांगड़ा, पोंगल व्यंजन और मुर्गा लड़ाई जैसी परंपराएं इसमें शामिल हैं। इस बार के टूर्नामेंट में सैकड़ों मुर्गे उतरे, जिन्हें मालिकों ने महीनों की मेहनत से तैयार किया था।
विजेता मुर्गा ने प्रारंभिक दौर से ही दबदबा बनाए रखा। फाइनल मुकाबले में उसने प्रतिद्वंद्वी को चतुराई से हराया। दर्शकों में जोश उफान पर था, जुए के दांव आसमान छू रहे थे। आयोजकों ने बताया कि पुरस्कार राशि दांवों और प्रवेश शुल्क से जमा हुई।
हालांकि मुर्गा लड़ाई पर पशु क्रूरता के आरोप लगते हैं और कई जगह प्रतिबंधित है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में यह लोकप्रिय बनी हुई है। इस बड़ी जीत ने बहस छेड़ दी है कि क्या इसे नियंत्रित किया जाए या पूरी तरह बंद। विजेता अब परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने की योजना बना रहा है।
यह घटना संक्रांति की जीवंतता को दर्शाती है, जहां परंपरा और किस्मत का अनोखा संगम होता है।