
गांधीनगर के महात्मा मंदिर में रविवार को एक ऐतिहासिक क्षण होगा जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भारत की पहली सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) आधारित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का उद्घाटन करेंगे। गुजरात खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की इस महत्वाकांक्षी योजना से सब्सिडी वितरण में डिजिटल क्रांति आएगी।
पंजाब नेशनल बैंक द्वारा विकसित यह आरबीआई अधिकृत प्लेटफॉर्म लाभार्थियों के वॉलेट में डिजिटल टोकन जमा करेगा, जिसमें वस्तु, मात्रा और मूल्य की पूरी जानकारी होगी। प्रारंभिक परीक्षण में अहमदाबाद के साबरमती जोन सहित सूरत, आनंद और वलसाड के 26,333 परिवार शामिल हैं।
स्मार्टफोन धारकों के लिए क्यूआर कोड आधारित लेनदेन और फीचर फोन उपयोगकर्ताओं के लिए आधार-ओटीपी सत्यापन सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे सभी वर्गों को लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी उपस्थित रहेंगे।
सीबीडीसी के अलावा, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के लाभार्थियों को तुअर-चना दाल 1 किलो सीलबंद पैकेटों में मिलेगी। साबरमती में ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ शुरू होगा, जो 35 सेकंड में 25 किलो अनाज दे सकेगा।
केयर रेटिंग्स और उपभोक्ता शिक्षा केंद्र के साथ एमओयू से उपभोक्ता उत्तरदायित्व सूचकांक बनेगा तथा विवाद निपटान तंत्र स्थापित होगा। गरुड़ेश्वर तालुका में कुपोषण उन्मूलन के लिए 1.65 करोड़ रुपये आवंटित, जिसमें दो आदर्श आंगनवाड़ी और स्वास्थ्य योजनाएं शामिल हैं।
यह पहल गुजरात को डिजिटल वेलफेयर में अग्रणी बनाएगी, पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करेगी।