
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा का नया दौर स्थापित करने वाली एजेंसियों के अथक परिश्रम की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खुलकर सराहना की है। श्रीनगर में आयोजित उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक में शाह ने आतंकवाद के खिलाफ अभियानों में सेना, सीआरपीएफ और जेकेई पुलिस की एकजुट कार्रवाई को ऐतिहासिक बताया।
अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद क्षेत्र में शांति प्रक्रिया को गति देने वाले इन प्रयासों से आतंकी घटनाओं में भारी कमी आई है। शाह ने कहा कि कठिन भूभाग और सीमा पार साजिशों के बावजूद जवानों ने अदम्य साहस का परिचय दिया है। हालिया ऑपरेशनों में सौ से अधिक आतंकियों का सफाया और हथियारों का भंडाफोड़ इनकी सफलता के प्रमाण हैं।
भविष्य की रणनीति पर शाह ने खुफिया तंत्र को मजबूत करने, निगरानी तकनीक के आधुनिकीकरण और स्थानीय समुदायों से जुड़ाव पर बल दिया। इनसे न केवल शांति टिकेगी बल्कि आर्थिक विकास के द्वार भी खुलेंगे।
क्षेत्रीय नेताओं और नागरिकों ने शाह के बयान का स्वागत किया। आने वाले चुनावों के मद्देनजर केंद्र का यह संकल्प जेकेई को आतंक मुक्त बनाने का दृढ़ इरादा दर्शाता है। सुरक्षा ही अब विकास की कुंजी बनेगी।