
22 फरवरी को स्वामी सहजानंद सरस्वती की जयंती पर देशभर में श्रद्धा सुमन नमन हुए। किसान आंदोलनों के जनक और समाज सुधारक स्वामी जी के योगदान को याद करते हुए गृह मंत्री अमित शाह, शिवराज सिंह चौहान सहित कई नेताओं ने सोशल मीडिया पर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
अमित शाह ने एक्स पर लिखा कि स्वामी जी ने जाति-धर्म के भेदभाव को मिटाने का कार्य किया। उन्होंने किसानों को एकजुट कर स्वतंत्रता संग्राम में प्रेरित किया तथा सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागृति फैलाई। जयंती पर कोटि-कोटि नमन।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें महान दार्शनिक, किसान हितैषी और दंडी संन्यासी बताया। उनके जीवन आदर्श राष्ट्र व किसान उन्नयन के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
महिला बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी तथा भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी स्वामी जी के स्वतंत्रता संग्राम, किसान कल्याण व सामाजिक न्याय के कार्यों की सराहना की।
1889 में जन्मे स्वामी सहजानंद ने 1929 में बिहार प्रांतीय किसान सभा की नींव रखी। 1936 में अखिल भारतीय किसान सभा के गठन में उनकी भूमिका सराहनीय रही। जमींदारी उन्मूलन, किसान अधिकार व सामाजिक न्याय के लिए उनका संघर्ष ऐतिहासिक है।
उनके नेतृत्व ने किसानों में नई चेतना जगाई। आज भी उनके विचार प्रासंगिक हैं, जो हमें एकजुट होकर सामाजिक-आर्थिक न्याय की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश देते हैं।