
नई दिल्ली, 12 मार्च। स्वतंत्रता संग्राम के अमर पन्ने ‘दांडी नमक सत्याग्रह’ की 94वीं वर्षगांठ पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत भाजपा और कांग्रेस के शीर्ष नेता महात्मा गांधी को याद कर रहे हैं। 1930 में साबरमती आश्रम से प्रारंभ यह ऐतिहासिक यात्रा ब्रिटिश नमक कानून के खिलाफ अहिंसक विद्रोह का प्रतीक बनी।
अमित शाह ने एक्स पर लिखा कि इस दिन गांधीजी ने दांडी सत्याग्रह शुरू किया, जिसने हर वर्ग में स्वतंत्रता की लौ प्रज्ज्वलित की। स्वदेशी की इस क्रांति ने आंदोलन की दिशा मोड़ दी।
नितिन गडकरी ने अंग्रेजी अत्याचार के विरुद्ध मार्च को स्वाधीनता की नई दिशा बताया, गांधी और सत्याग्रहियों को प्रणाम किया।
योगी आदित्यनाथ ने इसे आत्मबल और स्वराज का मंत्र भरने वाली ज्योति कहा, जो ब्रिटिश राज की नींव हिला गई।
हिमंत बिस्वा सरमा ने साधारण नमक उठाने को सत्य-शौर्य का प्रतीक बताया। अशोक गहलोत ने तानाशाही विरोधी गांधी के मार्ग को प्रेरणा स्रोत कहा।
यह मार्च मात्र 240 मील की पदयात्रा नहीं, बल्कि नैतिक विजय का उदाहरण था। समुद्र से नमक उठाकर गांधीजी ने कर वसूली की पोल खोली, लाखों को आंदोलन में उतार दिया। महिलाओं से लेकर किसानों तक ने भाग लिया।
विश्व पटल पर गूंजा यह आंदोलन आज भी शांतिपूर्ण संघर्ष सिखाता है। नेताओं के साझा श्रद्धांजलि से गांधी का एकजुट भारत का संदेश जीवंत हो उठा।