
गृह मंत्री अमित शाह ने सोमनाथ मंदिर को भारतीय सभ्यता की अमरता और कभी न झुकने वाली दृढ़ता का जीवंत प्रतीक बताया। गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ धाम में आयोजित एक विशेष समारोह में शाह ने मंदिर के गौरवशाली इतिहास को रेखांकित करते हुए कहा कि यह हमारी सांस्कृतिक धरोहर का प्राणस्वरूप है।
सोमनाथ मंदिर, जो अरब सागर के किनारे स्थित है, सदियों से आक्रमणकारियों के निशाने पर रहा। 11वीं शताब्दी में महमूद गजनवी से लेकर बाद के आक्रमणों तक, इसे कई बार ध्वस्त किया गया, लेकिन हर बार भक्तों की आस्था ने इसे पुनर्निर्मित किया। 1951 में सरदार पटेल के नेतृत्व में इसका आधुनिक स्वरूप बना, जो स्वतंत्र भारत की पहली बड़ी सांस्कृतिक उपलब्धि थी।
शाह ने कहा, ‘सोमनाथ का हर पत्थर हमारी पूर्वजों की त्यागमयी कहानी कहता है। यह मंदिर हमें सिखाता है कि विपत्तियों के आगे भी हमारी सभ्यता अडिग रहती है।’ उन्होंने युवाओं से इस विरासत को संजोने का आह्वान किया।
मोदी सरकार के प्रयासों से मंदिर परिसर में बेहतर सुविधाएं विकसित हुई हैं, जिससे लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। शाह ने काशी विश्वनाथ और राम मंदिर जैसे अन्य प्रोजेक्ट्स का उल्लेख कर सांस्कृतिक पुनरुत्थान की बात की।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रदर्शन और भजन हुए। शाह के उद्बोधन ने सभी को प्रेरित किया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। उन्होंने समापन में कहा, ‘सोमनाथ हमारी अमरता का प्रमाण है, इसे हम सबकी जिम्मेदारी है आगे बढ़ाना।’