
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नशीले पदार्थों के खिलाफ लड़ाई में निरंतर जागरूकता ही हमें सुरक्षित रख सकती है। राजधानी में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में शाह ने युवाओं को निशाना बनाने वाले ड्रग्स को देश के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया।
“ड्रग्स की लड़ाई में सिर्फ जागरूकता ही हमारी ढाल है,” शाह ने जोर देकर कहा। उन्होंने हाल की कार्रवाइयों का जिक्र किया, जिनमें राज्यों में भारी मात्रा में ड्रग्स जब्त हुए और गिरोहबाज पकड़े गए। लेकिन उन्होंने साफ कहा कि सख्ती के साथ जागरूकता अभियान चलाना जरूरी है।
नशा मुक्त भारत अभियान के तहत नई योजनाओं का शुभारंभ किया गया। स्कूलों, कॉलेजों और गांवों में लाखों लोगों तक पहुंचने वाले कार्यक्रम शुरू होंगे। “हर नागरिक को इस जंग का सिपाही बनना होगा,” शाह ने अपील की।
गुजरात और मणिपुर जैसे राज्यों के सफल उदाहरण साझा करते हुए उन्होंने बताया कि वहां जागरूकता से ड्रग्स का प्रकोप 30 प्रतिशत कम हुआ। नए कानून और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से तस्करी के नेटवर्क तोड़ने का वादा किया।
देश में सिंथेटिक ड्रग्स की बढ़ती चुनौती के बीच शाह का संदेश महत्वपूर्ण है। पिछले साल 2.1 लाख एनडीपीएस मामले दर्ज हुए। विशेषज्ञ रोकथाम पर जोर को सही ठहराते हैं।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्रियों और एनजीओ प्रतिनिधियों ने भाग लिया। शाह ने शून्य सहनशीलता की नीति दोहराते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए नशामुक्त भारत का संकल्प लिया।