
लखनऊ की गलियों से निकलकर अमित मिश्रा ने हिंदी सिनेमा के संगीत जगत में तहलका मचा दिया है। 15 फरवरी को जन्मे इस गायक को शायद कभी अंदाजा न रहा हो कि उनका संगीत प्रेम उन्हें इतनी ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
लखनऊ विश्वविद्यालय से बी.कॉम करने के बाद भातखंडे संगीत संस्थान ने उन्हें संगीत की बारीकियां सिखाईं। 2009 में कलर्स चैनल के ‘आइडिया रॉक्स इंडिया’ में टॉप-4 में जगह बनाकर उन्होंने देशव्यापी पहचान हासिल की।
बॉलीवुड में ‘एटरनल लव’ एल्बम से शुरुआत हुई, लेकिन करण जौहर की ‘ए दिल है मुश्किल’ का ‘बुलेया’ टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। यह गाना हर जुबान पर चढ़ गया और अमित को फिल्मफेयर, स्क्रीन व आईआईएफए अवॉर्ड्स दिलाए। इसके बाद ‘मनमा इमोशन जागे’, ‘गलती से मिस्टेक’, ‘दिल जश्न बोले’, ‘सुनो गणपति बप्पा मोरया’ जैसे सुपरहिट्स की बौछार हुई।
अमित सिर्फ हिंदी तक सीमित नहीं रहे। तमिल, तेलुगू, मराठी, कन्नड़, मलयालम में ’83’ के गाने रिकॉर्ड किए, शिव भक्ति और भजन भी गाए। कई वाद्ययंत्र बजाने वाले अमित तृष्णा बैंड से टीवी पर धूम मचाई और अब अपने बैंड के लाइव शोज से फैंस को दीवाना बनाते हैं।
अमित मिश्रा की कहानी जुनून और मेहनत की मिसाल है, जो आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज करते हैं।