
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के बयान का खुलकर समर्थन करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आचरण पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश ने कहा कि शंकराचार्य के विचारों से हम पूर्णतः सहमत हैं।
उन्होंने तंज कसते हुए पूछा, ‘जो खुद को योगी कहते हैं, क्या वे किसी पूज्य शंकराचार्य के प्रति ऐसा दुर्व्यवहार कर सकते हैं? इतना खराब आचरण संभव है क्या?’ यह बयान शंकराचार्य द्वारा योगी पर की गई टिप्पणियों के बाद आया है, जो अब राजनीतिक रंग ले चुका है।
उत्तर प्रदेश की सियासत में धार्मिक गुरुओं के बयान अब हथियार बनते जा रहे हैं। अखिलेश का यह हमला भाजपा सरकार की छवि पर सीधा प्रहार है, जो योगी की ‘योगी’ वाली पहचान को चुनौती देता है।
इसी बीच, सपा को बड़ी सौगात मिली जब पूर्व कांग्रेस नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। अखिलेश की मौजूदगी में सिद्दीकी, उनकी पत्नी और सात अन्य नेताओं ने सपा का दामन थामा।
बसपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके सिद्दीकी ने मायावती का साथ छोड़कर कांग्रेस जॉइन की थी, लेकिन पिछले महीने उन्होंने वहां से भी इस्तीफा दे दिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, ‘मैं हमेशा मुलायम सिंह यादव से प्रभावित रहा और अखिलेश को अपना नेता मानता हूं।’
सिद्दीकी का सपा में शामिल होना विपक्षी एकता को मजबूत करने वाला कदम है। उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों को देखते हुए यह बदलाव महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। अखिलेश का योगी पर निशाना और सिद्दीकी का स्वागत सपा की रणनीति का हिस्सा नजर आता है।